सनातन धर्म से जुड़ी हुई विशेषताएँ और उनके गूढ़ ज्ञान संदेशों के साथ साथ उन संदेशों का सार और उनसे जुड़ी कथायें पूजा कर्म मंत्र विधि विधान तंत्र कलाए और उपयोगिता I
चिमटा मंत्र निराला शाबर विद्या - बाबा गोरख
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सबसे अलग सबसे सरल बस आपको नित्या स्नान आदि से निवृत्त होकर सुबह या शाम जप करे और मीठे रोठ का भोग लगाये l अति शीघ्र फल मिलेगा
आज देवउठनी एकादशी पर सुनते हैं यह व्रत कथा, होगा आपको विशेष लाभ l हिन्दी पंचांग के अुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष देवउठनी एकादशी आज 25 नवंबर को है। इसी दिन तुलसी के संग शालीग्राम का विवाह भी होता है। देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा की जाती है। पूजा के समय देवउठनी एकादशी व्रत की कथा सुनी जाती है, इसके पुण्य से व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। ऐसी धार्मिक मान्यता है। इस देवउठनी एकादशी पर पढ़ें यह व्रत कथा। एक समय एक राजा था। उसके राज्य में सभी एकादशी का व्रत करते थे। एकादशी के दिन पूरे राज्य में किसी को अन्न नहीं दिया जाता था। एक दिन एक व्यक्ति नौकरी मांगने के उद्देश्य से राजा के दरबार में आया। उसकी बातें सुनने के बाद राजा ने कहा कि नौकरी तो मिल जाएगी, लेकिन एकादशी के दिन अन्न नहीं दिया जाएगा। नौकरह मिलने की खुशी में उस व्यक्ति ने राजा की बात मान ली। एकादशी का व्रत आया। सभी व्रत थे। उसने भी फलाहार किया लेकिन भूख नहीं मिटी। वह राजा के पास अन्न मांगने गया। उसने राजा से कहा कि फलाहार से उनकी भू...
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